rishte
रिश्ते
कुछ दिल के रिश्ते ,कुछ जन्म के रिश्ते,कुछ जुबान के रिश्ते ,कुछ नाम के रिश्ते,
कुछ बातों के रिश्ते, कुछ वादों के रिश्ते, कुछ बहानो के रिश्ते, कुछ काम के रिश्ते,
कुछ रिश्ते ऊपरवाला बनाता है, कुछ रिश्ते हम बनाते हैं ,
कुछ रिश्ते ऊपरवाला जोड़ता है ,और कुछ रिश्ते बनाकर हम तोड़ देते हैं ,
रिश्ते बनाना तो हम सीख लेते हैं , लेकिन उसे संभाले कैसे ये नहीं सिख पाते ,
जो रिश्ते बचाते हैं , वो खुद खर्च हो जाते हैं ,
जो रिश्ते निभाना चाहते हैं , वो सबसे कमज़ोर कहलाते हैं ,
इन सबसे ऊपर जो सबको खुश करके मिलकर रहना चाहते हैं ,
उनके सब्र की इंतेहा तो रब भी लेने लगता है ,
और एक पल के लिए सारे रिश्ते धुँधले हो जाते हैं ,
लेकिन, ये सारे रिश्ते उस वक्त आपको खुद से पहचान कराते हैं ,
जब आप अपने जनाज़े में शामिल लोगों को देखते हो ,
उस पल आपकी पूरी ज़िंदगी जो आपने दिया है और क्या लिया है और क्या किया है ,
इन सबका जवाब एक पल में आपके रिश्ते आपको बताकर विदा कर जाते हैं।
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